Friday, December 31, 2021

नव वर्ष 2022 की हार्दिक शुभकामनाएँ

 




बीते दो वर्ष, कहीं इंसान को इंसानियत सिखा गये...

तो कहीं उसकी लालच, अहम, लोभ का परम दिखा गये...

कहीं बच्चों के सर से माँ-पिता का साया गया...

तो कहीं बुजुर्गों का अपना-सा कोई पराया गया ...

कहीं सब तक खबर पहुँचाने वाले, खुद खबर बन गए...

तो कहीं ख़ुशियों से महकते घर, उन ख़ुशक़िस्मतो की कब्र बन गए...

जाने कितने ही अपने पीछे छूट गए...

जाने कितनो के सपने पूरे टूट गए...

2022 तुम कुछ यूँ आना, दुःख सभी के बिसराना...

ख़ुशियाँ नई बेशक ना लाना, पर दर्द पुराने ले जाना...

डरे, सहमे, हताश, निराश, बेबस, हैं इंसान अभी...

एक नए विश्वास, नव चेतना की आस लगायें हैं सभी...

वो आस-विश्वास, वो उम्मीद-उत्साह भी चाहे मत देना...

पर अब भी जो बाक़ी है ज़रा-सा साहस, कहीं किसी में वो ना लेना...

ऐ नए साल, ग़र कुछ कर सकते हो तो बस इतना करना...

खुश हैं जो अब भी हर हाल में, मुस्कान उन चेहरों पर बनाये रखना

जाते हुए साल को सलाम, आने वाले साल को सलाम....

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, छोटों को प्यार बढ़ो को प्रणाम