Wednesday, June 7, 2023

My Dad

 


My dad, is not perfect,

My dad, is a man of simple interests,

My dad, makes mistakes,

My dad, aches and breaks,

My dad, sneezes and snores,

My dad, talks less, hears more,

My dad, values & respects,

My dad, understands & accepts,

My dad, listens & believes,

My dad, forgets & forgives,

My dad cuts everyone some slack,

My dad, always held my back,

My dad, made me feel I was better than the rest,

My dad, took great pride in me as though I was “The Best”, 

My dad, never questioned, yet trusted me blindly,

My dad, taught & educated me to set me free,

My dad is not a king, yet always treated me like a princess,

And that's why, My dad was and is my biggest strength & weakness.

Friday, May 12, 2023

Life comes full circle

 



समय-समय की बात है

वो जो कल हमको बुरा भला सुनाते थे

उनका सच आज बेनक़ाब है

कल हर बात का जवाब जानते थे जो

आज पूरी तरह लाजवाब हैं

ईश्वर गवाह है हमारा 

उसने सदा हमें सम्भाला

बाल ना बाँका कर सकेगा वो

हमें तोड़ना जिनका ख़्वाब है 



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कल जो मुँह फुलाए बैठे थे 

वो आज भी मुँह सुजाये बैठे हैं

कल जो अपनी अकड़ में ऐंठे थे 

आज दूसरों की पकड़ में ऐठे हैं

हम भी वही हैं

वो भी वहीं हैं

हालात भी हुबहू वही हैं

फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है

तब जो हम पर गुज़री

ज़रा ना समझे वो

आज उन पर आई है

तो मुंह में दही जमाये बैठे हैं 

इत्तेफाक ये है जनाब

कल उनकी नज़र में ग़लत था जो

आज उसे ही जाने कैसे सही 

बताये बैठे हैं

Friday, March 10, 2023

दिल से किया, दिल से दिया

 


किसी कोकभी भी 

कुछ ना भी दिया है हमने

तहज़ीब इतनी दिखाई है 

दिल में कुछ छिपाकर 

लबों से कोई झूठी 

तस्वीर नहीं बनाई है 

जो किया दिल से किया 

जो दिया दिल से दिया 

जब भी लिया किसी से 
वापस बिन मांगे किया 

कोई लोभ  दिखाया 

लालच कभी ना किया 

जो हैं, जैसे हैं,

अपने दम से हैं

अपने घर के राजा हैं

तो क्या हुआ

जो सर पर ताज नहीं 

गिर भी गए तो फिर उठ जाएँगे

जब तक ऊपरवाला साथ है

किसी की मदद 

के मोहताज नहीं

Thursday, February 16, 2023

चौदह बरस


रेत जैसे हाथ से फिसल रहा है,
क्षण-क्षण कर वक्त पहर में बदल रहा है|
जाने कब पहर बने दिवस,
दिवस भी बीते बनके बरस|
देखते-देखते बरस बने दशक,
दशक बीते भी हुए बरस चार,
चौदह बरस जाने कब गुज़रे?
करते प्यार-टकरार,
यूँ ही बीतें बरसों बरस,
हे प्रभु! इतनी विनती करना स्वीकार|
वनवास की अवधी पुरी हुई,
किंतु श्री राम की स्वदेश वापसी अभी शेष है,
ये दूरी भी जल्द मिटे,
इसी कोशिश में रात दिन श्री शैलेश है |
इन बर्षों में आप सभी के साथ व शुभ कामनाओं
का भी कोटि-कोटि आभार,
स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों आप,इच्छाएँ हों सब पूर्ण..
साथ बना रहे आप सभी का भी, हो सौभाग्य अक्षुण्ण |

 

Friday, December 31, 2021

नव वर्ष 2022 की हार्दिक शुभकामनाएँ

 




बीते दो वर्षकहीं इंसान को इंसानियत सिखा गये...

तो कहीं उसकी लालचअहमलोभ का परम दिखा गये...

कहीं बच्चों के सर से माँ-पिता का साया गया...

तो कहीं बुजुर्गों का अपना-सा को पराया गया ...

कहीं सब तक खबर पहुँचाने वालेखुद खबर बन गए...

तो कहीं ख़ुशियों से महकते घरउन ख़ुशक़िस्मतो की कब्र बन गए...

जाने कितने ही अपने पीछे छूट गए...

जाने कितनो के सपने पूरे टूट गए...

2022 तुम कुछ यूँ आनादुःख सभी के बिसराना...

ख़ुशियाँ नई बेशक ना लानापर र्द पुराने ले जाना...

डरेसहमेहताशनिराशबेबसहैं इंसान अभी...

एक नए विश्वासनव चेतना की आस लगायें हैं सभी...

वो आस-विश्वासवो उम्मीद-उत्सा भी चाहे मत देना...

पर अब भी जो बाक़ी है ज़रा-सा साहसकहीं किसी में वो ना लेना...

 नए सालग़र कुछ कर सकते हो तो बस इतना करना...

खुश हैं जो अब भी हर हाल मेंमुस्कान उन चेहरों पर बनाये रखना

जाते हुए साल को सलामआने वाले साल को सलाम....

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथछोटों को प्यार बढ़ो को प्रणाम